!-- Codes by HTML.am --> एकम् सत्यम् . विप्रा: बहुधा वदन्ति Truth is Unity. Scholars describe in many ways. அவன் ஒருவனே. படித்தவர் பல்விதமாக பகர்வர். स एक: (तैत्रॆय) तस्य वाचक: प्रणव:

OM..Sa Ekaha

एकम् सत्यम् . विप्रा: बहुधा वदन्ति
Truth is Unity. Scholars describe in many ways.
அவன் ஒருவனே. படித்தவர் பல்விதமாக பகர்வர்.
स एक: (तैत्रॆय) तस्य वाचक: प्रणव:
He is One (Taitreya Upanishad)
(And) His Verbal form is Pranavaha
===========================
पठत संस्कृतं वदत संस्कृतं
लसतु संस्कृतं चिरं गृहे गृहे च पुनरपि




A centre of Prayer and Meditation. இது ஒரு தியான மையம். இறைவ்னின் சன்னிதானம்.

A centre of Prayer and Meditation.   இது  ஒரு தியான மையம்.  இறைவ்னின் சன்னிதானம்.
Ganapathi Yanthra

THIS BLOG IS DEVOTED TO ORTHODOX, VEDIC CULTURE,TRADITIONS AND PHILOSOPHY OF HINDUISM

ஸத்யம்
சிவம்
சுந்தரம். .
ஆன்மீகம்
Satyam Shivam Sundaram
Aanmeekam

Peace resides in love of God.





When the connection with the Divine happens, no matter where you are, you can achieve and get what you wish for. Whatever blessing you give starts to manifest.

- Sri Sri Ravi Shankar

Wednesday, June 24, 2009

Rama namamu Janma Rakshaka manthram

இராம நாமம் போல் இன்னொன்று இவ்வுலகில் உண்டோ ?
READ NAMA RAMAYANAM (PERTAINING TO ALL CHAPTERS OF VALMIKI RAMAYANAM )
AT THE END OF THIS POSTING.


ராம நாம் கை படதரை, தேகை கெள கசு நாஹின்
க்யா லை குர் சந்தோஷியே ஹொளன்ஸ் ரஹி மன மாஹி

राम नाम कै पटतरै देवै कौ कछु नाहि
क्या लै गुरु सनतोशिए, हओस् रही मन् माहि

கபீர் தனக்கு குரு வாயிலாக ராம நாம உபதேசம் பெற்ற உடனே ஏற்பட்ட அற்புத‌
ஆனந்த உத்சாக வெள்ளத்தில் மிதக்கிறார். அதே தருணம் அத்துணை வலிமை வாய்ந்த‌
" ராம நாமத்தைத் தனக்கு அளித்த தன் ஆசிரியருக்கு, குருவுக்கு தக்ஷிணை ஏதும் தர வேண்டுமே !
ராம நாமத்துக்குச் சரியான வஸ்து பொருள் ஒன்றுமே இவ்வுலகில் இல்லாதபொழுது
அதை ஈந்த என் குருவுக்கு எதனை நான் காணிக்கையாகச் செலுத்த இயலும் ! குருவுக்கு
அவரது காரியத்திற்குத் தகுந்த தக்ஷிணை தரவில்லையே என்ற வருத்தம் என் மனதிலேயே
தங்கி விட்டது. "

Click Here to know more Kabir

ராம நாமம் ஜன்மரக்ஷக மந்த்ரம் எனப்பாடுவார் தியாகராஜர்.
ராம பக்தி சாம்ராஜ்யமு என்றும் புகழ்வார்.

துளசிதாசரோ துமக் சலக் ராம சந்த்ர என்று ராம குண கானங்களைப் பாடி பாடி மகிழ்வார்.

எல்லோரும் பாடிப் பாடி மகிழ்வார் என்றால் ஒரே காரணம்:

ஸ்ரீ ராம ராம ராமேதி ரமே ராமே மனோ ரமே
ஸஹஸ்ர நாம தஸ்துல்யம் ஸ்ரீ ராம நாம வராஹனே

என்பதுவே.




n connection with Tyagaraja Aradhanotsava Dr.Nagavalli Nagaraj & Vidushi Ranjani Nagaraj gave a lecture demonstration of Tyagaraja Kritis. Find in this clipping the famous kriti Ramabhakti Samrajya sung without accompliments
courtesy: nagarjbs2007 youtube

Ram Bhajan by Jagjit Singh



Rama namamu Janma Rakshaka manthram
Madurai Somu in ecstacy recites Rama nama
Please click at the title or
cut and paste the URL below:

http://www.youtube.com/watch?v=o3kz45FzWic

नामरामायणम्
॥अथ नामरामायणम्॥

॥बालकाण्डः॥
शुद्धब्रह्मपरात्पर राम्‌।
कालात्मकपरमेश्वर राम्‌।
शेषतल्पसुखनिद्रित राम्‌।
ब्रह्माद्यमरप्रार्थित राम्‌।
चण्डकिरणकुलमण्डन राम्‌।
श्रीमद्दशरथनन्दन राम्‌।
कौसल्यासुखवर्धन राम्‌।
विश्वामित्रप्रियधन राम्‌।
घोरताटकाघातक राम्‌।
मारीचादिनिपातक राम्‌।
कौशिकमखसंरक्षक राम्‌।
श्रीमदहल्योद्धारक राम्‌।
गौतममुनिसम्पूजित राम्‌।
सुरमुनिवरगणसंस्तुत राम्‌।
नाविकधाविकमृदुपद राम्‌।
मिथिलापुरजनमोहक राम्‌।
विदेहमानसरञ्जक राम्‌।
त्र्यम्बककार्मुखभञ्जक राम्‌।
सीतार्पितवरमालिक राम्‌।
कृतवैवाहिककौतुक राम्‌।
भार्गवदर्पविनाशक राम्‌।
श्रीमदयोध्यापालक राम्‌।

राम राम जय राजा राम्‌।
राम राम जय सीता राम्‌।

॥ अयोध्याकाण्डः॥

अगणितगुणगणभूषित राम्‌।
अवनीतनयाकामित राम्‌।
राकाचन्द्रसमानन राम्‌।
पितृवाक्याश्रितकानन राम्‌।
प्रियगुहविनिवेदितपद राम्‌।
तत्क्षालितनिजमृदुपद राम्‌।
भरद्वाजमुखानन्दक राम्‌।
चित्रकूटाद्रिनिकेतन राम्‌।
दशरथसन्ततचिन्तित राम्‌।
कैकेयीतनयार्थित राम्‌।
विरचितनिजपितृकर्मक राम्‌।
भरतार्पितनिजपादुक राम्‌।

राम राम जय राजा राम्‌।
राम राम जय सीता राम्‌।

॥ अरण्यकाण्डः॥

दण्डकावनजनपावन राम्‌।
दुष्टविराधविनाशन राम्‌।
शरभङ्गसुतीक्ष्णार्चित राम्‌।
अगस्त्यानुग्रहवर्धित राम्‌।
गृध्राधिपसंसेवित राम्‌।
पञ्चवटीतटसुस्थित राम्‌।
शूर्पणखार्त्तिविधायक राम्‌।
खरदूषणमुखसूदक राम्‌।
सीताप्रियहरिणानुग राम्‌।
मारीचार्तिकृताशुग राम्‌।
विनष्टसीतान्वेषक राम्‌।
गृध्राधिपगतिदायक राम्‌।
शबरीदत्तफलाशन राम्‌।
कबन्धबाहुच्छेदन राम्‌।

राम राम जय राजा राम्‌।
राम राम जय सीता राम्‌।

॥ किष्किन्धाकाण्डः॥

हनुमत्सेवितनिजपद राम्‌।
नतसुग्रीवाभीष्टद राम्‌।
गर्वितवालिसंहारक राम्‌।
वानरदूतप्रेषक राम्‌।
हितकरलक्ष्मणसंयुत राम्‌।

राम राम जय राजा राम्‌।
राम राम जय सीता राम्‌।

॥ सुन्दरकाण्डः॥

कपिवरसन्ततसंस्मृत राम्‌।
तद्गतिविघ्नध्वंसक राम्‌।
सीताप्राणाधारक राम्‌।
दुष्टदशाननदूषित राम्‌।
शिष्टहनूमद्भूषित राम्‌।
सीतवेदितकाकावन राम्‌।
कृतचूडामणिदर्शन राम्‌।
कपिवरवचनाश्वासित राम्‌।

राम राम जय राजा राम्‌।
राम राम जय सीता राम्‌।

॥ युद्धकाण्डः॥

रावणनिधनप्रस्थित राम्‌।
वानरसैन्यसमावृत राम्‌।
शोषितसरिदीशार्त्तित राम्‌।
विभीषणाभयदायक राम्‌।
पर्वतसेतुनिबन्धक राम्‌।
कुम्भकर्णशिरश्छेदक राम्‌।
राक्षससङ्घविमर्धक राम्‌।
अहिमहिरावणचारण राम्‌।
संहृतदशमुखरावण राम्‌।
विधिभवमुखसुरसंस्तुत राम्‌।
खःस्थितदशरथवीक्षित राम्‌।
सीतादर्शनमोदित राम्‌।
अभिषिक्तविभीषणनत राम्‌।
पुष्पकयानारोहण राम्‌।
भरद्वाजाभिनिषेवण राम्‌।
भरतप्राणप्रियकर राम्‌।
साकेतपुरीभूषण राम्‌।
सकलस्वीयसमानस राम्‌।
रत्नलसत्पीठास्थित राम्‌।
पट्टाभिषेकालङ्कृत राम्‌।
पार्थिवकुलसम्मानित राम्‌।
विभीषणार्पितरङ्गक राम्‌।
कीशकुलानुग्रहकर राम्‌।
सकलजीवसंरक्षक राम्‌।
समस्तलोकोद्धारक राम्‌।

राम राम जय राजा राम्‌।
राम राम जय सीता राम्‌।

॥ उत्तरकाण्डः॥

आगत मुनिगण संस्तुत राम्‌।
विश्रुतदशकण्ठोद्भव राम्‌।
सितालिङ्गननिर्वृत राम्‌।
नीतिसुरक्षितजनपद राम्‌।
विपिनत्याजितजनकज राम्‌।
कारितलवणासुरवध राम्‌।
स्वर्गतशम्बुक संस्तुत राम्‌।
स्वतनयकुशलवनन्दित राम्‌।
अश्वमेधक्रतुदीक्षित राम्‌।
कालावेदितसुरपद राम्‌।
आयोध्यकजनमुक्तिद राम्‌।
विधिमुखविबुधानन्दक राम्‌।
तेजोमयनिजरूपक राम्‌।
संसृतिबन्धविमोचक राम्‌।
धर्मस्थापनतत्पर राम्‌।
भक्तिपरायणमुक्तिद राम्‌।
सर्वचराचरपालक राम्‌।
सर्वभवामयवारक राम्‌।
वैकुण्ठालयसंस्थित राम्‌।
नित्यनन्दपदस्थित राम्‌।

राम राम जय राजा राम्‌।
राम राम जय सीता राम्‌।

॥इति नामरामायणं सम्पूर्णम्